सोशल मीडिया पर बुराड़ी के 11 लोगों के पुनर्जन्म की खबर! जानिए कितनी है सच्चाई इस वायरल खबर में।

अक्सर जो दीखता है वो सच नहीं होता है।

देश की बढ़ती कनेक्टिविटी से जितना उत्थान नहीं हो रहा है उतना पतन हो रहा है।  आज के समय में मीडिया पर अफवाह  फैलाना बहुत सरल और मिनटों का काम हो गया है। १ जुलाई को पूरी दिल्ली एक सनसनीखेज घटना से हिल गयी थी।  एक महीने हो जाने के बाद भी जहाँ  दिल्ली पुलिस बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों के रहस्यमय तरीके से आत्महत्या करने के मामले गुत्थी को नहीं सुलझा सकी है, वहीं सोशल मीडिया के खबरों के मुताबिक परिवार के सभी 11 लोगों का पुनर्जन्म होने की  बात सामने आई है।

और देखिये: जानिए हॉलीवुड अभिनेत्री स्कारलेट जोहानसन की ये भड़काऊ  तस्वीरें क्यों हुई वायरल। 

एक ही परिवार के 11 लोग (सात महिलाएं व चार पुरुष) संदिग्ध हालात में मृत पाए गए थे। एक महिला का शव रोशनदान से और नौ लोगों का  शव छत से लगी लोहे की ग्रिल से लटके मिले। इसके अलावा एक बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर पड़ा मिला था। कहा जा रहा था की किसि आध्यात्मिक गुरु के कहने पर इन ११ लोगो ने शरीर त्याग दिया था पर इस बात की पुस्टि नहीं हो सकीय। ११ में से  नौ लोगों के हाथ-पैर व मुंह बंधे हुए थे और आंखों पर रुई रखकर पट्टी बांधी गई थी।

क्या है खबर?

बताया जा  रहा है कि गुजरात के सूरत शहर में एक पारसी महिला ने एक साथ 11 बच्चों को जन्म दिया है, और  सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह बुराड़ी के उन 11 लोगों को पुनर्जन्म है जो लगभग एक महीने पहले संदिध अवस्था में मृत पाए गए थे।

और देखिये: मिलिए 23 वर्षीय विश्व की सबसे खूबसूरत लड़की से।  रोंगटे खड़े कर  देना वाल हुस्न। 

क्या कहती है तस्वीरें?

इस बात को लेकर एक नहीं बल्कि दो तस्वीरें। एक तस्वीर में गर्भवती महिला को दिखाया जा रहा है, जबकि अन्य तस्वीरों में 11 नवजात अस्पताल के डॉक्टरों के साथ हैं। तस्वीर के मुताबिक नर्सरी में 11 बच्चे रखे हुए हैं। हैरानी की बात है कि वायरल तस्वीरों के साथ दावा किया जा रहा है कि बुराड़ी में जिन 11 लोगों ने अात्महत्या की थी, यह उन्हीं 11 लोगों का पुनर्जन्म है।

क्या है सच्चाई ?

काफी पड़ताल के बाद पता चला की जिस महिला को पारसी बताया जा रहा है वो दरअसल अमेरिका की है और पेट में छह बच्चे थे।  ये खबर पूरी तरह झूठ निकली।  सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोगो को चेतवानी दी जा रही है की  हर खबर को सच न मान ले।